पाब्लो पिकासो (Pablo Picasso) आधुनिक कला के सबसे बड़े चित्रकार माने जाते हैं। पिकासो (Picasso) घनवाद कला शैली के जनक के रूप में भी प्रसिद्ध हैं।इस लेख में पिकासो (Picasso) के जीवन, कला व उपलब्धियों के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है। इस लेख से पहले घनवादी (Cubism) कला के ऊपर भी एक लेख लिखा जा चुका, अगर अपने वो नहीं पढ़ा है तो उसे भी ज़रूर पढ़ें।
- परिचय
- पिकासो (Picasso) का प्रारम्भिक जीवन
- कला यात्रा
- मॉडर्न आर्ट पर प्रभाव
- निष्कर्ष
परिचय
पाब्लो पिकासो (Pablo Picasso) को सिर्फ़ एक चित्रकार नहीं बल्कि एक युग माना जाता है। आधुनिक कला में सबसे चर्चित व सफल कलाकारों में सबसे बड़ा नाम पिकासो का ही आता है। पिकासो ने लगभग सभी शैलियों में काम किया। ब्राक के साथ-साथ पिकासो को भी घनवादी कला शैली का पितामह कहा जाता है। कला के क्षेत्र में इतनी सारी पेंटिंग शायद ही किसी अन्य चित्रकार ने बनयी होन जितना पिकासो ने बनायीं।

प्रारम्भिक जीवन
पिकासो का जन्म स्पेन के मलागा नामक स्थान पर 25 अक्तूबर 1881 को हुआ था। अपनी युवा अवस्था में उनके जीवन में शुरुआती कला शिक्षा उनके पिता जी से उन्हें मिली। अपने स्कूल के समय से ही वे अपनी असाधारण कला प्रतिभा के लिए सभी लोगों व छात्रों में प्रसिद्ध हो गए। 13 वर्ष की आयु में एक समय ऐसा भी आया कि इनकी विलक्षण प्रतिभा से इनके पिता बहुत प्रभावी हुए। ये प्रभाव इतना था कि उन्होंने अपने कलर ब्रश त्याग कर चित्रकारी से संन्यास ले लिया था।
इनके पिता जोस रुइज़ ब्लास्को (Jose Ruiz Blasco), एक कला शिक्षक थे। उनकी माता का नाम मारिया पिकासो लोपेज़ (Maria Picasso Lopez) था। पिकासो का नाम छात्र जीवन में पाब्लो रूईज़ रहा। 1901 तक वे अपने चित्रों पर P.R. पिकासो लिखते रहे। फिर उनका अपनी माँ के प्रेम में इतना बढ़ गया कि उन्होंने अपनी माँ के नाम को अपना सरनेम बना लिया। 1901 के आख़िर तक उन्होंने अपने नाम से रूईज़ पूरी तरह से हटा दिया था। अंततः वे पाब्लो पिकासो के नाम से विश्व प्रसिद्ध हुए।
कला यात्रा
पिकासो का परिवार 1895 में बार्सिलोना चला गया। बार्सिलोना में पाब्लो ने कला की आगे की शिक्षा लेने के लिए लोकल आर्ट एकेडमी (ला लोटजा) में एडमिशन लिया। इसके बाद इनके पिता ने 1897 में पिकासो का प्रवेश रायल अकडेमी ओफ़ फ़ाइन आर्ट्स, मेड्रिड में प्रवेश दिलाया। किंतु पिकासो को यहाँ मन नहीं लगा क्योंकि पिकासो को कुछ नया सीखने को नहीं मिल रहा था।
रायल अकडेमी ओफ़ फ़ाइन आर्ट्स छोड़ने के बाद पिकासो स्पेन के नैशनल आर्ट म्यूज़ीयम के दक्ष कलाकरों के चित्रों की अनुकृतियाँ बनायीं। विशेषकर गोया, एलग्रीको, टिशियाँ, टिंटोरेट्टो तथा पीटर पॉल रोबेंस जैसे चित्रकारों की पेंटिंग की कॉपी पिकासो ने की। इसके साथ ही स्थानीय साहित्यकारों व कलाकरों से उनकी वार्ताएँ होने लगीं। कलाकरों व सहित्यक समुदाय का इनके ऊपर बड़ा प्रभाव पड़ा। परिणामस्वरूप इन्होंने अकादमी व शास्त्रीय शैली को त्याग दिया।
पिकासो के काम के अनुसार इनकी कला यात्रा को इन निम्नलिखित भागों में बाटां जाता है :
‘ब्लू पीरियड’ (Blue Period)
‘ब्लू पीरियड’ (Blue Period) पिकासो के कलात्मक के भावनात्मक व उदासी वला दौर था। ब्लू पीरियड का समय लगभग 1901 से 1904 तक चला।
इस समय उन्होंने अधिकतर पेंटिंग्स नीले और नीले-हरे रंगों में बनाई, जिसके कारण इसे ‘ब्लू पीरियड’ कहा जाता असल में उनके सबसे करीबी दोस्त, कार्लोस ने प्रेम में असफल हो गया था। इसी कारण उसने आत्महत्या कर ली थी। इस घटना ने पिकासो को अंदर तक झकझोर दिया और उनकी कला में उदासी छा गई। पिकसो ने खुद कहा था,
“मैं कासागेमास की मृत्यु के बारे में सोचकर ही नीला पेंट करने लगा था।”
ब्लू पीरियड की कला की कुछ खास बातें इस प्रकार हैं:
- नीले काल के चित्रों में गहरा दुख और अकेलापन देखने को मिलता है।
- पिकासो ने समाज के हाशिए पर रहने वाले लोगों को अपने चित्रण का विषय बनाया।
- इन लोगों में भिखारियों, अंधों, शराबियों और वेश्याओं आदि शामिल हैं।
- इस काल के चित्रों में रंगों का मनोविज्ञानिक प्रयोग किया गया।
- नीले रंग का उपयोग ठंडक, अलगाव और निराशा को दर्शाने के लिए किया गया था।
- चित्रों में अवास्तविक आकृतियाँ खूब बनाई गईं।
- चित्रों में पात्रों को बहुत ही कमजोर और लंबा दिखाया गया है।
- इस काल की सबसे मशहूर पेंटिंग ‘द ओल्ड गिटारिस्ट’ है।
- इसमें एक बूढ़ा, अंधा व्यक्ति झुकी हुई अवस्था में अपना गिटार बजा रहा है।
- जबकि इस काल का पहला चित्र—’कसागोमास इन हिस कॉफ़िन’ माना जाता है।
- इसके अलावा ‘ला वी’ (La Vie) भी इस दौर की एक महत्वपूर्ण कृति है।
- मगर पिकासो की इन पेंटिंग्स को लोगों ने उस समय ज्यादा पसंद नहीं किया।

रोज़ काल: 1904–1906
रोज़ पीरियड पाब्लो पिकासो की कला का एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक दौर था। इस समय उनकी पेंटिंग्स में हल्के और गर्म रंगों जैसे कि गुलाबी, नारंगी और लाल का अधिक उपयोग हुआ। उनके विषयों में सर्कस के कलाकार, कलाबाज़ और हार्लेक्विन प्रमुख थे। सारांश में कहें तो रोज़ पिरीयोड़ पिकासो का प्रेम व सफलता का समय रहा।
अफ्रीकी कला और आदिमवाद: 1907-1909
अफ्रीकी कला और आदिमवाद का काल पाब्लो पिकासो की कला का एक बहुत महत्वपूर्ण दौर था। इस समय उनकी प्रसिद्ध पेंटिंग “लेस डेमोइसेल्स डी’एविग्नन” (1907) दुनिया के सामने आई। शुरुआत में इस पेंटिंग की आकृतियाँ इबेरियन कला से प्रभावित थीं। लेकिन बाद में पिकासो ने अफ्रीकी मुखौटों और मूर्तियों से प्रेरणा लेकर कुछ चेहरों को बदल दिया।
इस दौर की अन्य कृतियों में “तीन महिलाएँ” (1908) जैसी पेंटिंग्स शामिल हैं। इसी समय पिकासो की सोच में बड़ा बदलाव आया, जिसने आगे चलकर क्यूबिज़्म (Cubism) की नींव रखी। 1909 के बाद, पिकासो ने जॉर्जेस ब्राक के साथ मिलकर विश्लेषणात्मक घनवाद विकसित किया, जिसमें वस्तुओं को छोटे-छोटे भागों में तोड़कर दिखाया जाता था और हल्के भूरे रंगों का उपयोग होता था।
संश्लेषाणात्मक घनवाद (1912–1919)
- पिकासो की क्यूबिज़्म शैली का एक नया और रचनात्मक चरण था।
- उन्होंने पेंटिंग के साथ नए प्रयोग किए जैसे कागज़, अख़बार और वॉलपेपर के टुकड़ों को चिपकाकर कोलाज बनाना।
- उनकी प्रसिद्ध कृति “स्टिल लाइफ विद चेयर कैनिंग” इसी शैली का उदाहरण है।
- इस समय उनकी कला में गिटार, बोतल, पाइप जैसी रोज़मर्रा की चीज़ों को सरल और ज्यामितीय रूप में दिखाया गया।
- 1915 से 1917 के बीच उनकी पेंटिंग्स और भी सादी और संतुलित हो गईं।
- इसी सादी व संतुलित पेंटिंग को बाद में “क्रिस्टल क्यूबिज़्म” भी कहा गया।
- इस पूरे दौर में पिकासो ने कला में नए प्रयोग किए और अपनी शैली को लगातार बदला।
आधुनिक कला पर प्रभाव
- पिकासो की आधुनिक कला पर गहरा प्रभाव देखने को मिलता है।
- इस कलाकार ने कोलाज के साथ-साथ अन्य कला माध्यमों का बखूबी इस्तेमाल किया।
- जिससे नए आने वाले कलाकारों को प्रेरणा मिलती रही।
- जब भी कभी आधुनिक कला की बात होती है तो सबसे पहले पिकासो का नाम ही लिया जाता है।
- पिकासो ने इतना काम कर लिया है कि आज हर शैली के कलाकार अपने आप को उससे जुड़ा पाते हैं।
- यही सबसे ख़ास बात पिकासो को सबसे चर्चित आधुनिक कलाकार बनाती है।
निष्कर्ष
पिकासो की कला यात्रा एक कला की एक पूरी गाथा सी लगती है। अपनी कला की विविधता व असाधारण प्रतिभा से उन्होंने आधुनिक कला में नवीनता के कई सारे मार्ग खोले। पिकासो एक कलाकार है जो खुद कभी किसी एक शैली में बांधा नहीं गया।
निसंदेह पिकासो ने अपनी कला के जीवन में बहुत ज़्यादा काम किया है। उनके इन्हीं कामों ने आधुनिक कलाकरों को सबसे ज़्यादा प्रेरित किया है।







